भारत के Most Popular Motivational Speaker के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें जो सबको को जाननी चाहिए |


संदीप माहेश्वरी

नमस्कार दोस्तो आज हम बात करेंगे एक महान सख्सियत के बारे में जिन्हें सब जानते है| उनका बचपन काफी हद्द तक आपके और मेरे जैसा ही था | उनके पिता एक एल्युमिनियम  की कंपनी में काम करते थे | जैसे कि सबकी जिंदगी में उतार चढ़ाव आते है, वैसा ही उनके साथ भी हुआ| उनके पिता को कंपनी से बाहर निकाल दिया| उस समय वो दसवी कक्षा में थे |दोस्तो के साथ घूमना फिरना सब बन्द हो गया | उनके कंधो पर भी जिम्मेदारियां आ गयी | उन्होंने फिर एसटीडी-पीसीओ की दुकान खोली जिसपे ये संभालने लगे | बारहवीं कक्षा में आते आते वो भी बंद हो गयी | उनकी परीस्थितिया और भी खराब होती चली जा रही थी | एकबार वो एक सेमिनार में (एक मल्टीलेवल कंपनी के) गए | वहां उन्हें ज्यादा कुछ समझ नही आया सब दिमाग के ऊपर से जा रहा था लेकिन एक बात ऐसी थी जो उन्हें सबसे ज्यादा समझ मे आयी और वो थी कि जो ये बन्दा स्टेज पे खड़ा होकर बोल रहा है उसी बात के इसको तीन लाख रुपये मिलते है | दिमाग उसी वक्त घूम गया | एक उम्मीद उनके मन मे जगी और वो था पैसे कमाना | वो सोच रहे कि जब ये बन्दा कर सकता है तो मैं भी कर ही सकता सकता हु | क्या करना है बस बोलना ही तो है आराम से हो जाएगा | तो साहब घर गए और चिल्लाने लगे..ज़ोर ज़ोर से की अब मुझे अमीर बनने से कोई नही रोक सकता ....आसान है | उन्हें अपने कॉलेज में मॉडलिंग का काम स्टार्ट किया लेकिन सही नही चला तो बन्द कर दिया और दो साल बाद इसी के साथ कॉलेज भी छोड़ दिया | उसके बाद इन्हें फोटोग्राफी का भूत चढ़ा औऱ ये मुम्बई चले गए | वहां जाके दो महीने का फोटोग्राफी का कोर्स किया और पोर्टफोलियो स्टार्ट किया | जिस पोर्टफोलियो के लिए लोग तीस से चालीस हज़ार लेते थे वहीं इन्होंने ये काम सबसे सस्ते में करना स्टार्ट किया | ये सिर्फ रोल और एड k पैसे लेते थे | इनका पहला पोर्टफ़ोलिओ का काम इन्होंने सिर्फ अड़तालीस सौ रुपये में कर दिखाया | जिससे उनके अपने फोटोग्राफिक लाइफ की पहली कमाई पच्चीस हजार रुपये की | लेकिन ये सब इतना आसान कहा था | जो भी हम प्लानिंग करते है ...कभी भी हमारा काम वैसे होता कहा है | जैसा किस्मत में लिखा होता है ....वैसा होता है...पर अगर सब ऐसे सोचे तो हमारी स्थिति कैसी हो जाएगी वैसा आप अच्छी तरह सोच सकते है | इसलिए कर्म करना ज़रूरी है | उन्होंने अपने दोस्त के साथ इवेंट अरेंज किया | इवेंट खत्म होने पर इनके दोस्त ने वादा किया था इनके जो पैसे देने का ....लेकिन आजकल के काम वाले दोस्त यूनिक होते है तो इनका भी दोस्त यूनिक निकला और पैसे लेके भाग गया | इनका काफी  नुकसान हुआ लेकिन ये ठहरे बड़े दिल वाले आदमी इन्होंने मैन ही मन कहा कि..."वाह मज़ा आ गया" | कुछ समय के लिए सबसे परेशान होकर इन्होंने एक कंपनी जॉइन कर ली | वहां उनकी सैलरी एक लाख थी | लेकिन अपने काम से संतुष्ट न होने की वजह से इन्होंने जॉब छोड दी | तो इस टाइम ये एक ठीक-ठाक लेवल पर आ चुके थे | इन्होंने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर एक कंपनी खोली और ये दोस्त भी यूनिक निकले और कंपनी बन्द हो गयी | फिर इन्होंने लिखी एक किताब जिसका नाम था ..."IT IS THE MOST UNUSAL BOOK IN THE PLANET". इस किताब की एक खासियत यह थी कि ये किताब पीछे से खुलती थी | लेकिन ये किताब भी ज्यादा नही चल पाई इनके यूनिक दोस्तों की तरह | लेकिन इस किताब में एक लाइन (पंक्ति ) है जो मुझे सबसे ज्यादा अच्छी लगी | "IF YOU CAN'T EVEN THE WAY YOU READ THEN HOW CAN YOU CHANGE THE WAY.    YOU THINK". इसके बाद इन्होंने अपने यूनिक दोस्तों के बिना ही फ़ोटोग्राफी शुरू की और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का ठाना | इन्होंने  "LIMKA BOOK OF WORLD RECORD"
(जो कि फोटोग्राफी के लिए होता है)      
के MD MR. VIJYA GHOSH  से बात की तो उन्होंने कहा इसके लिए तुम्हे कुछ बड़ा करना होगा जो अब तक किसी ने नही किया और ये तुम्हारे लिए बहुत कठिन होने वाला है | इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए उन्हें सौ मॉडल चाहिए थे और उनके दस हज़ार शॉट लेने थे वो भी अलग अलग पोज़ में और ये सब उन्हें सिर्फ बारह घंटे में करना था | तो इसके लिए MR. VIJYA GHOSH ने इन्हें एक इवेंट कंपनी HIRE करने की सलाह दी | हमारी कहानी के हीरो हँसे और बोले "इवेंट कंपनी आपके सामने खड़ी है सर" | इन्होंने थोड़ा दिमाग चलाया और पोर्टफोलियो सिर्फ 500 रुपये में शुरू कर दिया और इन्होंने 112 लोगो का पोर्टफ़ोलिओ बनाया दस हज़ार शॉट्स भी लिए वो भी सिर्फ 10 घंटे और 45 मिनट में | इसी के साथ इन्होंने एक वर्ल्ड रिकॉर्ड खड़ा कर दिया | रातो रात ये मशहूर हो गए | इससे पता चलता है अपना समय आता नही है अटक जाता है कभी-कभी तो खुद लाना पड़ता है | एक दिन एक विज्ञापन (advertisement) कम्पनी वाला आया बोला ज्यादा टाइम नही है (फोटोशूट्स के लिए ) हम सीधे फ़ोटो लेकर स्कैन करेंगे | इससे इन्हींके आईडिया मिला जिससे मॉडल्स को भी काम मिला और ये भी अपनी सफलता की तरफ बढ़े | और इसकी काम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी कंपनी की शुरुआत की जिसका नाम है "IMAGES BAAZAR". और आखिरकार उन्हें अपने जीवन की सबसे बड़ी सफलता     मिली | इसी के साथ उन्होंने यूट्यूब की दुनिया
में कदम रखा और वापस पीछे मुड़कर नही देखा | उनके आज यूट्यूब पर एक करोड से ज्यादा सब्सक्राइबर है | और वो सख्स कोई और नही "संदीप माहेश्वरी" है | अगर ये चाहे तो अपने चैनल पर विज्ञापन लगा कर लाखो कमा सकते है | लेकिन इन्होंने अपने चैनल पर एक भी विज्ञापन नही लगाया | और देश के युवाओं का मार्गदर्शन काफी अच्छी तरह से कर रहे है |
एक साधारण सी दिखने वाली कविता इस बात बहुत आसानी से समझा सकती है --


राह में मुश्किल होगी हजार,
तुम दो कदम बढाओ तो सही,
हो जाएगा हर सपना साकार,
तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही।




मुश्किल है पर इतना भी नहीं,
कि तू कर ना सके,
दूर है मंजिल लेकिन इतनी भी नहीं,
कि तु पा ना सके,
तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही।




एक दिन तुम्हारा भी नाम होगा,
तुम्हारा भी सत्कार होगा,
तुम कुछ लिखो तो सही,
तुम कुछ आगे पढ़ो तो सही,
तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही।




सपनों के सागर में कब तक गोते लगाते रहोगे,
तुम एक राह है चुनो तो सही,
तुम उठो तो सही, तुम कुछ करो तो सही,
तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही।




तो दोस्तों आज के लिए इतना ही ,मिलते है अगली बार एक ओर महान शख्सियत में जीवन से जुड़ी कुछ अनजान बातो के साथ
पढ़ने के लिए धन्येवाद  |



No comments: